Tuesday, 9 June 2015

Saam Daam Dund Bhed Niti of Chanakya

चाणक्य कहते है
साम, दाम, दण्ड, भेद
साम :- अपने शत्रु को समझायो
दाम :- अपने शत्रु को लालच दो
दण्ड:- अपने शत्रु को अपना डर दिखाओ,
भेद:- अपने शत्रु में फूट डालो,

चाणक्य कहते है  साम, दाम, दण्ड, भेद इन चारो का परिस्तिथि अनुसार उपयोग करो.! लेकिन विजय आपकी ही होनी चाहिए.!


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